{"product_id":"madhushala-मधुशाला-harivansh-rai-bachchan-हरिवंश-राय-बच्चन","title":"Madhushala\/मधुशाला Harivansh Rai Bachchan\/हरिवंश राय बच्चन","description":"\u003cp\u003e\u003cspan\u003eमधुशाला में एक सौ पैंतीस रूबाइयाँ (यानी चार पंक्तियों वाली कविताएँ) हैं।\u003c\/span\u003e\u003cbr\u003e\u003cspan\u003eमधुशाला की हर रूबाई मधुशाला शब्द से समाप्त होती है। हरिवंश राय बच्चन ने मधु, मदिरा, हाला (शराब), साकी (शराब पड़ोसने वाली), प्याला (कप या ग्लास), मधुशाला और मदिरालय की मदद से जीवन की जटिलताओं के विश्लेषण का प्रयास किया है। मधुशाला जब पहली बार 1935 में प्रकाशित हुई तो शराब की प्रशंसा के लिए कई लोगों ने उनकी आलोचना की। लेकिन गांधी जी ने इसकी प्रशंसा की।\u003c\/span\u003e\u003cbr\u003e\u003cspan\u003eबाद के दिनों में मधुशाला इतनी मशहूर हो गई कि जगह-जगह इसे नृत्य-नाटिका के रूप में प्रस्तुत किया। मधुशाला की चुनिंदा रूबाइयों को मन्ना डे ने एल्बम के रूप में प्रस्तुत किया। इस एल्बम की पहली कविता स्वयं बच्चन ने गाई। हरिवंश राय बच्चन के पुत्र अमिताभ बच्चन ने न्यू यॉर्क के लिंकन सेंटर सहित कई जगहों पर मधुशाला की रूबाइयों का पाठ किया।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e","brand":"Curiocty Box","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":45889816330349,"sku":"BK-Madhushalaमधुशाला","price":159.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0701\/4609\/7261\/files\/9780143463474.jpg?v=1789717807","url":"https:\/\/curioctybox.com\/products\/madhushala-%e0%a4%ae%e0%a4%a7%e0%a5%81%e0%a4%b6%e0%a4%be%e0%a4%b2%e0%a4%be-harivansh-rai-bachchan-%e0%a4%b9%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%b5%e0%a4%82%e0%a4%b6-%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%af-%e0%a4%ac%e0%a4%9a%e0%a5%8d%e0%a4%9a%e0%a4%a8","provider":"Curiocty Box","version":"1.0","type":"link"}