{"product_id":"main-mirtyu-sikhata-hoon-मैं-मृत्‍यु-सिखाता-हूं-ओशो","title":"Main Mirtyu Sikhata Hoon (मैं मृत्‍यु सिखाता हूं) ओशो","description":"\u003cp class=\"wp-block-paragraph\"\u003eसमाधि में साधक मरता है स्वयं, और चूंकि वह स्वयं मृत्यु में प्रवेश करता है, वह जान लेता है इस सत्य को कि मैं हूं अलग, शरीर है अलग। और एक बार यह पता चल जाए कि मैं हूं अलग, मृत्यु समाप्त हो गई। और एक बार यह पता चल जाए कि मैं हूं अलग, और जीवन का अनुभव शुरू हो गया। मृत्यु की समाप्ति और जीवन का अनुभव एक ही सीमा पर होते हैं, एक ही साथ होते हैं। जीवन को जाना कि मृत्यु गई, मृत्यु को जाना कि जीवन हुआ। अगर ठीक से समझें तो ये एक ही चीज को कहने के दो ढंग हैं। ये एक ही दिशा में इंगित करने वाले दो इशारे हैं।”—ओशो मृत्यु से अमृत की ओर ले चलने वाली इस पुस्तक के कुछ विषय बिंदु:\u003c\/p\u003e\n\u003cul class=\"wp-block-list\"\u003e\n\u003cli\u003eमृत्यु और मृत्यु-पार के रहस्य\u003c\/li\u003e\n\u003cli\u003eसजग मृत्यु के प्रयोग\u003c\/li\u003e\n\u003cli\u003eनिद्रा, स्वप्न, सम्मोहन व मूर्च्छा के पार — जागृति\u003c\/li\u003e\n\u003cli\u003eसूक्ष्म शरीर, ध्यान व तंत्र-साधना के गुप्त आयाम\u003c\/li\u003e\n\u003c\/ul\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003eमुझे कहा गया है कि मैं जीवन और मृत्यु के संबंध में बोलूं। यह असंभव है बताना। प्रश्न तो है सिर्फ जीवन का और मृत्यु जैसी कोई चीज़ ही नहीं है। जीवन ज्ञात होता है, तो जीवन रह जाता है। और जीवन ज्ञात नहीं होता, तो सिर्फ मृत्यु रह जाती है। मनुष्य मृत्यु नहीं है, मनुष्य अमृत है। समस्त जीवन अमृत है। लेकिन हम अमृत की ओर आंख ही नहीं उठाते। हम जीवन की तरफ, जीवन की दिशा में खोज ही नहीं करते हैं, एक कदम भी नहीं उठाते। जीवन से रह जाते हैं अपरिचित और इसलिए मृत्यु से भयभीत प्रतीत होते हैं। इसलिए प्रश्न जीवन और मृत्यु का नहीं है, प्रश्न है सिर्फ जीवन का।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e","brand":"Curiocty Box","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":67687919124589,"sku":"BK-MainMirtyuSikhataHoon","price":299.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0701\/4609\/7261\/files\/71L8krRlT8L._SL1500.webp?v=1791536600","url":"https:\/\/curioctybox.com\/products\/main-mirtyu-sikhata-hoon-%e0%a4%ae%e0%a5%88%e0%a4%82-%e0%a4%ae%e0%a5%83%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e2%80%8d%e0%a4%af%e0%a5%81-%e0%a4%b8%e0%a4%bf%e0%a4%96%e0%a4%be%e0%a4%a4%e0%a4%be-%e0%a4%b9%e0%a5%82%e0%a4%82-%e0%a4%93%e0%a4%b6%e0%a5%8b","provider":"Curiocty Box","version":"1.0","type":"link"}