{"product_id":"nastik-ki-prarthana-नास्तिक-की-प्रार्थना-hindi-edition-by-manav-kaul-author","title":"Nastik Ki Prarthana। नास्तिक की प्रार्थना Hindi Edition  by Manav Kaul (Author)","description":"\u003cp\u003e\u003cspan class=\"a-text-bold\"\u003eनास्तिक की प्रार्थना\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e मानव कौल का कविता-संग्रह है। कविताओं की ओर लौटने, अपने भीतर के घर में वापस आने और बरसों से बची हुई बात को कह पाने की बेचैनी से जन्मी \u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003eमानव कौल ने अपनी रचनात्मक यात्रा की शुरुआत कविताओं से की थी। फिर नाटक, कहानियाँ और उपन्यास लिखते-लिखते वे अपनी ही भाषा से जैसे कुछ दूर चले गए। भीतर एक भूख बनी रही, घर लौटने की, अपनी पहली आवाज़ तक पहुँचने की। उनके लिए यह घर कविताएँ थीं।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003eएक उपन्यास पर काम करते हुए जब उसका अंत एक कविता में खुला, तब उन्हें लगा कि वे फिर अपने घर के आसपास हैं, उसकी गलियों, आँगन और गंध के पास। उसी क्षण से कविताएँ लौटने लगीं। यह संग्रह उसी लौटने की यात्रा है।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003e‘नास्तिक की प्रार्थना’ उन कविताओं की किताब है, जो ‘कुछ कहना छूट गया है’ की टीस और भूख से निकली हैं। इसमें आत्मीयता है, बेचैनी है, स्मृति है और वह स्वाद है, जो लंबे समय बाद घर के खाने में मिलता है।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003eयह संग्रह पाठक को भी अपने भीतर के किसी पुराने, भूले हुए घर तक ले जा सकता है।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e","brand":"Curiocty Box","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":45431208837229,"sku":"BK-NAASTIK","price":179.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0701\/4609\/7261\/files\/714S6Czh3NL._SL1500.jpg?v=1783340545","url":"https:\/\/curioctybox.com\/products\/nastik-ki-prarthana-%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%95-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%a5%e0%a4%a8%e0%a4%be-hindi-edition-by-manav-kaul-author","provider":"Curiocty Box","version":"1.0","type":"link"}