Pashchatya Rajniti Vicharak/पाश्चात्य राजनीति-विचारक By ओम् प्रकाश गाबा
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पाश्चात्य राजनीति-विचारक के प्रस्तुत संस्करण के अंतर्गत पश्चिमी जगत् के प्राचीन, मध्ययुगीन और आधुनिक राजनीति-दार्शनिकों के चिंतन का तुलनात्मक और आलोचनात्मक विवेचन प्रस्तुत किया गया है। इसके आरंभ में गौरव ग्रंथों के सामान्य लक्षणों का विवरण देते हुए उनकी उपयोगिता और सार्थकता पर प्रकाश डाला गया है; उनकी व्याख्या की सामान्य समस्याओं की चर्चा करते हुए इस व्याख्या के विभिन्न उपागमों की समीक्षा की गई है। फिर पश्चिमी राजनीति-चिंतन के इतिहास से जुड़े प्रत्येक युग की सामान्य विशेषताओं का विवरण देते हुए उनके प्रतिनिधि विचारकों की देन का मूल्यांकन किया गया है। प्राचीन यूनानी दार्शनिकों में यहां सुक्ररात, प्लेटो और अरस्तू के चिंतन का विश्लेषण किया गया है। फिर प्राचीन रोम और मध्ययुगीन यूरोप के प्रतिनिधि विचारकों (पोलीबियस, सिसरो, सेनेका, सेंट ऑगस्टाइन, जॉन ऑफ सॉल्डबरी, सेंट टॉमस एक्विनास, दांते एलीगिएरी, मार्सीलियो ऑफ पादुआ) का संक्षिप्त किंतु निकट परिचय दिया गया है। आधुनिक युग के मुख्य मुख्य राजनीति-दार्शनिकों में मेकियावेली, बोदां, ग्रोश्यस, हॉब्स, लॉक, रूसो, मांतेस्क्यू, ह्यूम, वर्क, बेंथम, जे.एस. मिल, कांट, हेगेल, टी.एच. ग्रीन, मार्क्स, लेनिन, रोजा लक्जेमवर्ग, ग्राम्शी, ल्यूकाच, हन्ना आरेंट और माइकल ओकशॉट के मुख्य मुख्य विचारों की विस्तृत समीक्षा की गई है; इनमें चीन के मार्क्सवादी विचारक माओ त्से-तुंग को भी सम्मिलित कर लिया गया है। अंततः राजनीति-चिंतन की समकालीन प्रवृत्तियों की ओर संकेत करते हुए स्वेच्छातंत्रवाद, समतावाद, समुदायवाद, नवमार्क्सवाद, नारीवाद और पर्यावरणवाद की मुख्य मुख्य मान्यताओं और इनसे जुड़े दार्शनिकों के चिंतन पर प्रकाश डाला गया है। यहां पाश्चात्य राजनीति-चिंतन से जुड़े मुख्य मुख्य विवादों (Debates) की विस्तृत चर्चा की गई है।
संपूर्ण कथ्य को सुगम बनाने के लिए विवेच्य विषय से जुड़ी संकल्पनाओं की परिभाषाएं, ऐतिहासिक संदर्भों का विवरण और अनेक महत्त्वपूर्ण उद्धरण चौकोरे (Box) में दिए गए हैं। जगह-जगह प्रवाह-आलेख (Flow Charts), तुलनात्मक आलेख (Comparative Charts) और उपयुक्त रेखाचित्र (Diagrammes) दे कर विस्तृत विषय को थोड़े से शब्दों में समेटने का प्रयत्न किया गया है। इस तरह यहां जटिल दार्शनिक विषयों को भी पाठक-अनुकूल (Reader Friendly) शैली में प्रस्तुत किया गया है।
प्रस्तुत कृति के लेखक डॉ. ओम् प्रकाश गाबा ने डी.ए.वी. कॉलिज देहरादून (आगरा विश्वविद्यालय) से दर्शनशास्त्र, अंग्रेजी साहित्य और हिंदी साहित्य में बी.ए. की उपाधि प्राप्त करने के बाद समाजशास्व और राजनीति विज्ञान में एम.ए, की उपाधियां प्राप्त की। फिर इन्होंने 'भारतीय संविधान के विशेष संदर्भ में सामाजिक न्याय की संकल्पना' विषय पर 1977 में बिल्ली विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में पी-एच. डी. की उपाधि प्राप्त की। 1967 से 2004 तक दिल्ली विश्वविद्यालय के अंतर्गत स्नातक और स्नातकोत्तर स्तर पर अध्यापन के बाद अब ये पूर्णकालिक लेखक के रूप में सक्रिय हैं। 'पाश्चात्य राजनीति-विचारक' के अलावा डॉ. गाबा की मुख्य मुख्य प्रकाशित कृतियां हैं: 'भारतीय राजनीति-विचारक', 'राजनीति-सिद्धांत की रूपरेखा', 'राजनीति-चिंतन की रूपरेखा', 'तुलनात्मक राजनीति की रूपरेखा', 'विवेचनात्मक राजनीति विज्ञान कोश', 'विवेचनात्मक समाजविज्ञान कोश', 'राजनीति विज्ञान विश्वकोश',
'राजनीति-विचारक विश्वकोश', 'राजनीतिक विचार विश्वकोश', 'An Introduction to Political Theory 'Political Ideas and Ideologies', 'Contemporary Political Ideologies" "Indian Political Thought". "Western Political Thought" "Social and Political Philosophy 'Reading Gandhi Dimensions of Social Justice" और "Constitutionalism in a Changing Perspective"